छतीसगढ़ : कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा है कि बेरोजगारी, महंगाई जैसे कई मुद्दे देश के लोगों के समक्ष चुनौती बने हैं और सरकार इस पर चुप्पी साधे है इसलिए सभी विपक्षी दलों को लोकसभा चुनाव से पहले एकजुट होकर के सरकार की नीतियों के खिलाफ जनता के बीच जाना चाहिए।
गांधी ने 85वें कांग्रेस महा अधिवेशन को संबोधित करते हुए रविवार को कहा “आज हमें देश को दिखाना पड़ेगा कि किस तरह गिने-चुने उद्योगपति आगे बढ़ रहे हैं, उनकी आमदनी दोगुनी-तिगुनी हो रही है, किसान की आमदनी घट रही है, नौजवानों के रोजगार कम हो रहे हैं, महंगाई बढ़ रही है, किसानों के कर्ज माफ नहीं होते, लेकिन बड़े-बड़े उद्योगपतियों के होते हैं, ये सब बातें हमें पब्लिक में ले जानी हैं।”
उन्होंने विपक्षी दलों को 2024 के आम चुनाव से पहले एकजुट होने का आह्वान करते हुए कहा “अब हमारे पास सिर्फ एक साल बचा है, हमसे उम्मीदें हैं। ये उम्मीद है कि हम एकजुट हों। जितनी भी पार्टियां हैं, जितने भी दल हैं, जितने भी लोग हैं, जिनकी विचारधारा इनसे विपरीत है, वो आगे आएं, एकजुट होकर लड़ें। सबसे उम्मीद है, लेकिन सबसे ज्यादा उम्मीद कांग्रेस पार्टी से है।मैं जानती हूं हम इस उम्मीद पर खरे उतर सकते हैं, हमारी मेहनत से, हमारी एकजुटता से, हमारे समर्पण से और अपने संविधान के प्रति हमारी निष्ठा से हम सब इस काम को करके दिखा सकते हैं।”
वाड्रा ने कहा कि जब भी चुनाव सामने होते हैं तो ऐसे मुद्दे उठते हैं, जिनसे जनता का कोई मतलब नहीं होता हैं। रोजगार, युवाओं की बात, महंगाई जैसे मुद्दों पर चुनाव लड़े जाने चाहिए। विकास योजनाओं, भविष्य के मुद्दों और सकारात्मक कदमों से जुड़े मुद्दों पर चुनाव लड़े जाने चाहिए। यह हमारी राजनीति होनी चाहिए लेकिन आज-कल का राजनीति है और देश का माहौल नकारात्मकता से भरा है और इससे ऊपर उठकर काम करने की ज़रूरत है।
उन्होंने कहा “ हमें सकारात्मक तरह से भविष्य के लिए प्रस्ताव रखने पड़ेंगे और अपनी बात रखनी पड़ेगी। मुझे पूरी उम्मीद है कि हम इस लड़ाई में सफल होंगे, क्योंकि हम मजबूत हैं। हमें अपने गिले-शिकवे दूर कर एकजुटता से लड़ना पड़ेगा। हमें दिखाना पड़ेगा कि नौजवानों के पास रोजगार नहीं है। जो नौजवान परीक्षा देते हैं भर्ती के लिए, वो घोटालों में उलझे हुए हैं, उसके लिए क्या प्रस्ताव है हमारा।”
वाड्रा ने कहा “ देखिए कांग्रेस का कार्यकर्ता कौन है– वो अनोखेलाल हैं, जो झण्डा लेकर कन्याकुमारी से कश्मीर तक चले। वो दिनेश है, जो देश के ध्वज को लेकर नंगे पांव चला। नसीब पठान जी, जो उत्तर प्रदेश के एक नेता थे, आजीवन कांग्रेस के प्रति निष्ठावान रहे, ईश्वर चंद्र शुक्ला जी, जिनको टिकट नहीं मिला चुनाव में, फिर भी उन्होंने प्रचार किए और प्रचार करते-करते उनका देहांत हुआ, पच्चू पासी, जो रोज सुबह वही सफेद जूते पहनकर गांव-गांव जाते, कांग्रेस के लिए प्रचार करते, कांग्रेस का झण्डा फहराया करते थे, उनका भी देहांत हुआ।”
आमचुनाव से पहले विपक्षी दलों का एकजुट होना जरुरी