शिमला : सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मनोहर हत्याकांड को लेकर बड़ा बयान देते हुए कहा कि घटना के पांच दिन बाद भारतीय जनता पार्टी के युवा मोर्चा के लोगों ने सलूणी पहुंचकर हत्यारोपियों के मकान को जला दिया है। शनिवार को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि हत्या के 24 घंटों के भीतर ही पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। लेकिन इसके पांच दिन बाद भाातीय जनता पार्टी युवा मोर्चा के लोगों ने सलूणी पहुंचकर हत्यारोपियों के मकान को जला दिया।
सुक्खू ने कहा कि भाजपा युवा मोर्चा के लोगों ने जाकर स्थानीय लोगों को उकसाया। जिसके बाद घर को आग के हवाले कर दिया गया। उन्होंने कहा कि भाजपा द्वारा इस मुद्दे को राजनीतिक रंग देने का प्रयास किया जा रहा है। सुक्खू ने हिमाचल के सभी 12 जिला मुख्यालय में हो रहे प्रदर्शन को लेकर कहा कि उन्हें समझ नहीं आ रहा कि भाजपा किस बात को लेकर प्रदर्शन कर रही है। हत्या के सभी आरोपी सलाखों के पीछे है और भाजपा सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन कर रही है। उन्होंने कहा कि देश के इतिहास में ऐसा पहली बार हो रहा है।
मुख्यमंत्री ने भाजपा के लोगों को पीड़ित परिवार से न मिलने को लेकर कहा कि सलूणी में धारा 144 लागू है। ऐसे में यदि भाजपा के 6-7 लोग मिलने जाते तो उन्हें कोई नहीं रोकता। लेकिन यदि 250 लोग इकट्ठा होकर जाएंगे तो परिवार से मिलना संभव नहीं होगा।
उल्लेखनीय है कि चंबा मनोहर हत्याकांड मामले में हिमाचल प्रदेश में सियासी पारा चढ़ा हुआ है। मामला अब दो समुदायों के बीच का बन गया है। विपक्षी दल भाजपा ने मामले को जोरो-शोरों से उठाते हुए धार्मिक रंग दे दिया है। शनिवार को भाजपा ने सभी 12 जिलों में धरने प्रदर्शन किए और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। भाजपा पूरे मामले में एनआईए की जांच की मांग कर रही है। उसके पीछे की वजह भाजपा आरोपी के तार आतंकी गतिविधियों व हवाला जैसे मामलों में संलिप्त रहने से जोड़ रही हैं। भाजपा ने कांग्रेस सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
पूर्व मंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा कि सुखविंदर सरकार हर मोर्चे पर फेल हो चुकी है। प्रदेश में कानून व्यवस्था बिगड़ चुकी है और जिस तरह से चंबा में युवक को मौत के घाट उतारा गया। उसके बाद सरकार की संवेदनहीनता सामने आई है। हत्या को लेकर सरकार के बयान दर्शाते हैं कि सरकार कानून व्यवस्था को लेकर गंभीर नहीं है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के हिमाचल में कांग्रेस सरकार बनने के बाद दिए गए हिंदुत्व की सोच को हराने के बयान को भाजपा इस घटना के लिए जिम्मेदार ठहरा रही है। ऐसे में भाजपा इस हत्या की एनआईए जांच की मांग कर रही है।