पटना : सरकारी सेवा में रहते हुए अवैध तरीके से लाखों रुपए अर्जित करने के आरोपों में बिहार के मगध रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) अमित लोढ़ा के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को निगरानी विभाग की विशेष इकाई ने आज विशेष अदालत को सौंप दिया। निगरानी की विशेष इकाई ने दर्ज की गई प्राथमिकी संख्या 17/2022 को विशेष न्यायाधीश मनीष द्विवेदी की अदालत को सौंप दी। निगरानी ने यह प्राथमिकी भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की धारा 13(1)बी सह पठित धारा 13 (2) एवं धारा 12 तथा भारतीय दंड विधान की धारा 120(बी) और 168 के तहत दर्ज की है।
विशेष अदालत ने निगरानी द्वारा सौंपी गई प्राथमिकी के आधार पर विशेष वाद संख्या 80/2022 दर्ज करते हुए अंतिम जांच रिपोर्ट समर्पित करने के लिए 09 फरवरी 2023 की तिथि निश्चित की है। मामले के दर्ज प्राथमिकी के आरोप के अनुसार, अभियुक्त बनाए गए भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के अधिकारी अमित लोढ़ा एक स्थापित कहानीकार नहीं है और न ही उन्होंने कोई पुस्तक लिखने की अनुमति प्राप्त की है।
इसके बावजूद सरकारी सेवा में रहते हुए उन्होंने एक वेब सीरीज ‘खाकी द बिहार’ की निर्माता कंपनी के साथ दिखावटी अनुबंध किया ताकि अवैध रूप से कमाए गए काले धन को वैध धन में परिवर्तित किया जा सके। दिखावटी रूप में तो उन्होंने मात्र एक रुपये के साथ वेब सीरीज निर्माता कंपनी के साथ अनुबंध किया लेकिन प्रारंभिक जांच में यह बात प्रकाश में आई कि उन्होंने लगभग 49 लाख रुपये अवैध रूप से अर्जित किया है।