नैनीताल : उत्तराखंड में गंगा नदी में खनन के मामले में हरिद्वार की मातृ सदन नामक संस्था की याचिका पर 28 अगस्त को सुनवाई होगी। शुक्रवार को उच्च न्यायालय ने एक स्टोन क्रेशर की ओर से पेश हस्तक्षेप प्रार्थना पत्र को खारिज कर दिया है।
इस मामले में सुनवाई न्यायमूर्ति शरद कुमार शर्मा और न्यायमूर्ति रवीन्द्र मैठाणी की खंडपीठ करेगी। आज इसी खंडपीठ में यह मामला सुनवाई के लिये पेश हुआ। इससे पहले मुख्य न्यायाधीश विपिन सांघी और मनोज कुमार तिवारी की पीठ ने इस मामले की सुनवाई के लिये नयी पीठ को सौंपने के निर्देश दिये थे।
दरअसल मातृ सदन और अन्य की ओर से अलग अलग याचिका दायर कर गंगा नदी में रायवाला से भोपुर तक अवैध खनन के मामले को चुनौती दी गयी है।
मुख्य याचिकाकर्ता मातृ सदन की ओर से स्वयं इस मामले की पैरवी करते हुए अदालत को बताया गया कि नेशनल मिशन क्लीन गंगा (एनएमसीजी) गंगा के संरक्षण और खनन के मामले में सक्षम प्राधिकारी है। उसने भी गंगा में खनन पर प्रतिबंध की सिफारिश की है।
प्रदेश पर्यावरण प्रभाव आकलन प्राधिकरण (एसईआईए) की ओर से कहा गया कि उसने इस मामले में रिपोर्ट सौंप दी है। अंत में अदालत ने इस मामले में सुनवाई के लिये 28 अगस्त की तिथि मुकर्रर कर दी।
गंगा नदी में अवैध खनन के मामले में 28 को होगी सुनवाई