शिरसी : कर्नाटक कांग्रेस के विधायक एच के पाटिल ने आरोप लगाया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सीमा विवाद को लेकर कर्नाटक और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्रियों की बैठक बुला कर ‘अपराध’ किया है। साथ ही उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई का इस बैठक में शामिल होनो उनकी सबसे बड़ी गलती थी। श्री पाटिल ने शनिवार को यहां एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई का उस बैठक में मौजूद रहना भी एक बड़ी गलती थी। उन्होंने कहा,“उच्चतम न्यायालय सीमा विवाद में महाराष्ट्र की दलील को दो बार खारिज कर चुका है। यह दर्शाने का प्रयास किया गया है कि ऐसी स्थिति में अशांति उत्पन्न होती है। केंद्र सरकार इसके लिए एक कमेटी बनाने जा रही है। राज्य सरकार को इसके लिए राजी नहीं होना चाहिए।”
उन्होंने कहा कि कर्नाटक का मिशन यथास्थिति बनाए रखना या सीमा मुद्दे पर महाजन आयोग की रिपोर्ट को लागू करना है। राज्य सरकार को इसके लिए प्रतिबद्ध होना चाहिए। सरकार को किसी अन्य प्रक्रिया के लिए सहमत नहीं होना चाहिए। इन बिंदुओं को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और श्री शाह के समक्ष भी स्पष्ट किया जाना चाहिए। श्री पाटिल ने कहा कि भाषा का मुद्दा उठाकर शांति भंग करने की कोशिश की गई है। सीमा विवाद में कर्नाटक ने पूरा सहयोग किया है। पर महाराष्ट्र सरकार ने लोगों को भड़काया है। जो लोग इस तरह के कृत्य में शामिल हैं, उन्हें इतिहास का कोई ज्ञान नहीं है। उन्होंने मांग की कि राज्य सरकार को सीमा विवाद के निपटारे पर चर्चा के लिए बेलागवी में एक सर्वदलीय बैठक बुलानी चाहिए।
शाह की बैठक में जाना बोम्मई की गलती थी