दिल्ली, 30 मई 2022: फ्यूल की बढ़ती कीमतों के बीच, फ्लीट संचालकों और मालिकों के लिए संचालन की लागत को नियंत्रण में रखना चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है। एशिया पैसिफ़िक नेचुरल गैस व्हीकल्स एसोसिएशन (ANGVA) की फ़रवरी 2022 रिपोर्ट के अनुसार, एक मीडियम-ड्यूटी ट्रक को 7,000 किलोमीटर तक चलाने के लिए फ्यूल की लागत (7 किमी प्रति लीटर डीजल के हिसाब से) ₹80,000 से ₹90,000 के बीच होती है। फ्लीट मैनेजमेंट सॉल्यूशंस फ्लीट मालिकों और संचालकों के लिए सबसे लोकप्रिय विकल्प बन रहे हैं क्योंकि यह व्यवसाय को आगे बढ़ाने, फ्यूल की लागत में बचत करने और वाहनों और ड्राइवरों की सुरक्षा बनाए रखने में मदद करता है। उत्तर प्रदेश-आधारित भारतीय लॉजिस्टिक्स कंपनी मैडेलियन ट्रांसलिंक्स ने विभिन्न लाभों के अलावा लोकोनैव के फ्यूल निगरानी समाधान का भी लाभ उठाया है जो कि टैंक-माउंटेड आईओटी फ्यूल सेंसर का उपयोग करता है। और इस तरह कंपनी ने फ्यूल लागत पर 10% की बचत की है।
बेहतर फ्लीट मैनेजमेंट और कम संचालन लागत के जरिए, मैडेलियन ट्रांसलिंक्स ने तेजी से अपने व्यापार में विस्तार किया और लोकोनैव के फ्लीट मैनेजमेंट और वीडियो सुरक्षा समाधानों को लागू करने के एक वर्ष के भीतर ही अपने फ्लीट के आकार को बढ़ाकर 300 वाहनों तक कर लिया। इस दौरान उन्होंने 170 वाहनों के अपने फ्लीट के लिए ₹7.25 करोड़ से अधिक की बचत की।
लोकोनैव के समाधानों की मदद से मैडेलियन ट्रांसलिंक्स के हर वाहन पर प्रति किलोमीटर लागत कम हुई है जिसके परिणामस्वरूप हर ट्रक पर सालाना ₹4 लाख तक की बचत हुई है। इन समाधानों में प्रभावी ट्रैकिंग, जिओफेन्सिंग और ट्रिप मैनेजमेंट शामिल हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा संचालित वीडियो टेलीमैटिक्स (जो कि ड्यूल चैनल डैशकैम पर आधारित है) का लाभ उठाते हुए, कंपनी ने हर साल जुर्माने पर खर्च होने वाली लागत भी ₹45 लाख (₹53,000 प्रति वाहन) तक कम की है।
प्रांजल तुलसियान, फाउंडर, मैडेलियन ट्रांसलिंक्स: “लोकोनैव के समाधानों ने हमें पारम्परिक FMCG कंपनी के दायरे से आगे बढ़कर संपूर्ण लॉजिस्टिक्स कारोबार के रूप में विकसित होने में मदद की है। इससे न सिर्फ़ हमारी लागत कम हुई है बल्कि ई-लॉक एवं वीडियो डैशकैम जैसे समाधानों की मदद से हमारे फ्लीट, ड्राइवर एवं कार्गों सुरक्षा में भी सुधार हुआ है। इन समाधानों के ज़रिए हम अपने ड्राइवरों पर ध्यान दे सकते हैं और वाहनों के दुरुपयोग को रोक सकते हैं।”
को–फाउंडर श्रीधर गुप्ता और विदित जैन: “फ्लीट मैनेजमेंट में डिजिटलीकरण के उपयोग से पूरे सिस्टम पर सकारात्मक प्रभाव हुआ है। समय आ गया है कि विभिन्न कंपनियां फ्लीट टेक को समझें और बेहतर सेवाओं का अनुभव प्राप्त करें। मैडेलियन ट्रांसलिंक्स की सफलता इस बात की पुष्टि करती है कि फ्लीट टेक विभिन्न इंडस्ट्रीज के लिए कितना फ़ायदेमंद हो सकता है। हमें खुशी है कि हम इस यात्रा का भरपूर फ़ायदा और आनंद उठा रहे हैं ।”
मैडेलियन ट्रांसलिंक्स, ग्लोबल कन्ज़्यूमर पैकेज्ड गुड्स (CPG) तथा ऑटोमोटिव कंपनियों को परिवहन सेवाएं उपलब्ध कराती है। इसने अपने CPG बिज़नेस के लिए इन-हाउस फ्लीट के तौर पर शुरुआत की थी, जो तैयार उत्पादों को मोटरसाइकल औऱ ट्रक द्वारा देशभर के दूर दराज के इलाकों में माइक्रो रिटेलर्स तक पहुँचाती है। कंपनी ने लोकोनैव के समाधानों को अपनाकर कार्गों एवं फ्यूल का नुक़सान, वाहनों के दुरुपयोग और डिलीवरी में देरी जैसी समस्याओं को हल किया है।