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माछी, वादी समाज का स्नेह मिलन समारोह आयोजित

गांधीनगर : गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने गुरुवार को कहा कि सरकार विकास की मुख्य धारा में एक-एक समाज को जोड़ कर सबका सशक्तीकरण कर रही है। श्री पटेल आज गांधीनगर में आयोजित माछी समाज तथा वादी समाज के स्नेहमिलन समारोह को संबोधित करते हुए कहा राज्य में माछी समाज के हजारों मछुआरों-सागरखेडुओं को कृषक समकक्ष मानते हुए किसान क्रेडिट कार्ड तथा ऋण दिए गए हैं। सरकार ने वादी समाज के विचरणशील-घुमंतू परिवारों को स्थायी आवास, आवासीय भूखंड तथा शैक्षणिक परिसर बना कर दिए हैं तथा उनका उत्कर्ष किया है। इस अवसर पर माछी और वादी समाज के अग्रणियों ने उनका भावपूर्ण अभिवादन किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस सरकार ने प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में अंत्योदय से सर्वोदय को साकार करने की नीति-रीति अपनाई है। सरकार सदा-सर्वदा ऐसे प्रयास करती आई है कि विकास का लाभ, सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम छोर के मानव तक पहुँचे। शिक्षा सर्वांगीण विकास की पहली शर्त है। किसी भी समाज की उन्नति के लिए शिक्षा बहुत ही आवश्यक है। परम्परागत व्यवसाय, धंधे-रोज़गार में भी समयानुकूल बदलाव ज़रूरी हैं और ये बदलाव उचित शिक्षा से ही आ सकते हैं।
श्री पटेल ने कहा कि गुजरात सरकार ने शिक्षा क्षेत्र में समयानुकूल परिवर्तन लाकर विद्यार्थियों तथा युवा पीढ़ी को अत्याधुनिक शिक्षा देने के सभी प्रयास किए हैं। एक समय था जब गुजरात में प्राथमिक विद्यालयों में ड्रॉपआउट रेशियो 35 प्रतिशत था जो आज घट कर तीन प्रतिशत से भी कम रह गया है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अगुवाई ने गुजरात के विकास को सुदृढ़ और गतिशील बनाया है। कोरोना महामारी के कारण अनेक देश बरबादी की ओर जा रहे थे। ऐसे समय में उनके द्वारा किए गए कोविड मैनेजमेंट पर विश्व के देशों ने भी ग़ौर किया है। उन्होंने कोराना नियंत्रण के क़दम, वैक्सीन निर्माण तथा विश्व के सबसे बड़े टीकाकरण अभियान जैसे क़दम उठवा कर देश को महामारी से समय रहते उबारा है।
श्री पटेल ने कहा कि नीति आयोग की रिपोर्ट के अनुसार गुजरात सरकार का आर्थिक प्रबंधन देश में सर्वश्रेष्ठ है। इस वर्ष का गुजरात सरकार का बजट गुजरात के इतिहास का सबसे बड़ा बजट है। श्री मोदी के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार के कारण गुजरात विकास के मार्ग पर तीव्र गति से आगे बढ़ रहा है।
इस अवसर पर बक्शी पंच (ओबीसी आयोग) मोर्चे के पूर्व अध्यक्ष भगवानदास पंचाल, उपाध्यक्ष मयंक नायक, वासुदेव टंडेल, तुलसीभाई गोहेल, मनोज मोरी, विपुलाबेन मिस्त्री, पी. पी. टंडेल, कमलनाथ वादी, गोरखनाथ वादी, मेघरजभाई सहित महानुभाव उपस्थित थे।

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