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तमिलनाडु सरकार ने हाथी संरक्षण पर जोर दिया

चेन्नई : तमिलनाडु सरकार ने मंगलवार को कोयम्बटूर के बोलमपट्टी आरक्षित वन के सादिवयाल में एक नया हाथी शिविर स्थापित करने के लिए आठ करोड़ रुपये की मंजूरी प्रदान की है। मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन ने 15 मार्च को घोषणा की थी कि सादिवयाल में एक नया हाथी शिविर स्थापित किया जाएगा, जो 2012 से ही अस्थायी हाथी शिविर के रूप में चल रहा था।
एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, आवंटित राशि का उपयोग हाथियों के लिए शेड, चिकित्सा सुविधा, रसोई और हाथियों के लिए भोजन एवं पानी की सुविधा स्थापित करने के लिए किया जाएगा। इन पहलुओं से हाथियों को संरक्षण प्रदान करने की राज्य सरकार की नीति से हाथियों के संरक्षण एवं प्रबंधन में बहुत हद तक सुधार होगा। इसमें जरुरत की सुविधाओं के साथ विशेष परिवहन सहित बचाव संबंधी गतिविधियों को मजबूत करना भी शामिल है।
राज्य सरकार ने पोल्लाची में अन्नामलाई टाइगर रिजर्व में कोझीकमुथी हाथी शिविर में सुधार करने के लिए पांच करोड़ रुपये की भी मंजूर प्रदान की है। इस मंजूर राशि का उपयोग शिविर में अवसंरचना निर्माण, महावतों और कैवड़ी का प्रशिक्षण, आगंतुकों के लिए दर्शक दीर्घा की स्थापना, भोजन तैयार करने के क्षेत्र में सुधार और हाथियों के लिए पानी की व्यवस्था के लिए किया जाएगा।
इसके अलावा, मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुसार राज्य सरकार ने थेप्पाकडू और कोझिकमुठी हाथी शिविरों में रहने वाले 91 हाथियों की देखभाल करने वाले लोगों के लिए पर्यावरण अनुकूल घरों का निर्माण करने के लिए 9.10 करोड़ रुपये स्वीकृति प्रदान की गयी है। मुदुमलाई टाइगर रिजर्व में हाथियों की देखभाल करने वालों के लिए कुल 44 घरों का निर्माण किया जाएगा, जबकि अन्नामलाई टाइगर रिजर्व में कोझिकमुठी हाथी शिविर के हाथियों की देखभाल करने वालों के लिए 47 घरों का निर्माण किया जाएगा।
पिछले वर्ष, राज्य सरकार ने 1,19,748 से अधिक हेक्टेयर क्षेत्र को नए हाथी रिजर्व के रूप में अधिसूचित किया था जिसमें कन्याकुमारी, तिरुनेलवेली और तेनकासी जिलों का अगस्त्यमलाई शामिल है। जारी विज्ञप्ति के अनुसार इस वर्ष सरकार ने विशेष प्रशिक्षण के लिए 13 महावतों और कैवड़ी को थाईलैंड भेजा है।

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