आगरा : अमेरिकी खुफिया एजेंसी फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (एफबीआई) के एक वांछित युवक रत्नेश भूटानी को उत्तर प्रदेश के आगरा में स्थित संजय प्लेस से मेरठ की एसटीएफ ने गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि भूटानी के खिलाफ यौन हिंसा के मामले में अमेरिका में प्राथमिकी दर्ज हुई थी। उसके खिलाफ इंटरपोल ने रेड कार्नर नोटिस जारी किया था।
शुक्रवार को देर रात गिरफ्तार किये गये भूटानी अमेरिका से भाग कर मुंबई होते हुए आगरा पहुंचा था। भूटानी को दिल्ली स्थित पटियाला हाुस कोर्ट में पेश किया गया। अदालत ने उसे जेल भेज दिया।
इंटरपोल ने इस वर्ष जुलाई में सीबीआई से उसे गिरफ्तार कर प्रत्यर्पण करने में मदद मांगी थी। मेरठ एसटीएफ के अधीक्षक कुलदीप नारायण ने भूटानी की गिरफ्तारी के लिए टीम बनाई। छानबीन के दौरान एसटीएफ को पता चला कि वांछित भूटानी आगरा में मौजूद है। टीम ने शुक्रवार को उसे संजय प्लेस स्थित केनरा बैंक मंडलीय कार्यालय परिसर से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में भूटानी ने बताया कि वह मूल रूप से गाजियाबाद के थाना मोदीनगर में गोविंदपुरी का रहने वाला है।
वह वर्ष 1996-97 में कैंसर लैब में काम करने अमेरिका के कैलीफोर्निया गया था। वहां पर उसके चाचा रहते हैं। कुछ समय बाद उसने एक अमेरिकी लड़की से शादी कर ली, जिससे उसे अमेरिका की नागरिकता मिल गई। वहां पर अपने खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होने पर वह मुंबई भाग आया। भूटानी ने एसटीएफ को बताया कि मुंबई में उसने केशव फिल्म्स के नाम से फिल्म प्रोड्यूसिंग कंपनी बना ली। इसमें उसने अपने भाई को एक फिल्म बनाकर लांच किया। वह मेरठ, आगरा और गुरुग्राम आदि जगहों पर छिपकर रह रहा था।
अपने विरुद्ध रेड कार्नर नोटिस जारी होने के बाद से वह काफी सतर्क हो गया था। मुंबई से आने के बाद उसने मेरठ में अमलतास होटल एवं रिसोर्ट का काम शुरू कर दिया। जिसे कुछ साल बाद उसने साहिबाबाद के रहने वाले सभरवाल को लीज पर दे दिया। लॉकडाउन के दौरान उसका सभरवाल से विवाद हो गया था।