श्रीनगर : राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने मंगलवार को राजौरी स्थित अल हुदा एजुकेशनल ट्रस्ट की संदिग्ध गतिविधियों से संबंधित एक मामले में जम्मू कश्मीर के 18 स्थानों पर छापेमारी की और एएचईटी के अध्यक्ष (निजाम-ए-अला) अमीर शमशी को गिरफ्तार किया। एनआईए के अधिकारियों ने बताया कि ये छापेमारी राजौरी, पुंछ, जम्मू, श्रीनगर, पुलवामा, बडगाम, शोपियां और बांदीपोरा जिलों में की गई।
एनआईए प्रवक्ता के अनुसार, “एनआईए ने अल हुदा एजुकेशनल ट्रस्ट के फंडिंग स्वरूप और गतिविधियों पर स्वत: संज्ञान लेते हुए मामला दर्ज किया था, जो जमात-ए-इस्लामी जम्मू कश्मीर के एक फ्रंटल इकाई के रूप में काम करता है, जिसे 2019 में गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) संशोधन अधिनियम के अंतर्गत ‘गैरकानूनी संगठन’ घोषित किया गया था”। प्रवक्ता ने कहा कि “अमीर शमशी को एएचईटी, राजौरी की आपराधिक गतिविधियों से संबंधित मामले में गिरफ्तार किया गया है और जांच से पता चला है कि वह ट्रस्ट के मुख्य संरक्षक के निर्देश पर काम करता है।”
एनआईए ने कहा कि जमात-ए-इस्लामी (जेईआई) जम्मू-कश्मीर को यूएपी अधिनियम के अंतर्गत ‘गैरकानूनी संगठन’ घोषित किया गया तब से वह अपने फ्रंटल संगठनों के माध्यम से अपनी गतिविधियों को अंजाम दे रहा है। एनआईए ने कहा कि छापेमारी के दौरान कई मोबाइल और फंडिंग, प्रॉपर्टी से जुड़े हुए दस्तावेज बरामद किए गए हैं और मामले की जांच चल रही है।
सूत्रों के अनुसार, बांदीपोरा में दारुल उलूम रहीमिया के संस्थापक और प्रमुख धार्मिक विद्वान मुफ्ती रहमतुल्ला कासमी और राष्ट्रीय प्रशिक्षण संस्थान (एनआईटी) श्रीनगर के एक प्राध्यापक के घर पर भी छापेमारी की गई। हालांकि, कासमी के घर पर छापेमारी के संदर्भ में एनआईए का कोई आधिकारिक बयान अबतक सामने नहीं आया है।
एनआईए की छापेमारी में एएचईटी के अध्यक्ष गिरफ्तार