कोलकाता : पश्चिम बंगाल में कोलकाता के आरजी कर अस्पताल में जूनियर डॉक्टरों का काम बंद रखने का दौर 16वें दिन भी जारी रहा जिससे राज्य में सरकारी स्वामित्व वाले अस्पतालों में चिकित्सा सेवाएं प्रभावित रही।सूत्रों के अनुसार डॉक्टर शनिवार को एक आम सभा की बैठक उपस्थित रहे, जिसमें उच्चतम न्यायालय की अपील पर अस्पताल में काम फिर से शुरू करने और केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) की तैनाती का आकलन किया गया। डाक्टरों ने कहा , “हम सीबीआई चल रही जांच की प्रगति और उनके भविष्य की कार्रवाई पर निर्णय ले रहे हैं।”
डॉक्टरों ने कहा कि उन्होंने 13 अगस्त को कलकत्ता उच्च न्यायालय के आदेश के बाद 14 अगस्त के बाद से मामले को कोलकाता पुलिस से स्थानांतरित करने के बाद से सीबीआई जांच में कोई भी प्रगति नजर नहीं आ रही है।
डॉक्टरों के 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को सीबीआई कार्यालय का दौरा किया और उन्हें सूचित किया गया कि केंद्रीय एजेंसी अदालत की निगरानी में हो रही जांच के कारण इस मामले के किसी भी विवरण का खुलासा नहीं कर सकती है।
गौरतलब है कि वरिष्ठ डॉक्टर आपातकालीन सेवाओं के साथ-साथ सरकारी अस्पतालों में ओपीडी दोनों में मरीजों को देख रहे हैं। इस बीच, कोलकाता पुलिस ने कल कलकत्ता उच्च न्यायालय के आदेश के अनुसार आरजी कर अस्पताल के पूर्व प्राचार्य संदीप घोष की वित्तीय कथित अनियमितताओं की केस डायरी और सभी दस्तावेज सीबीआई को सौंप दिए है।
इस बीच आज एप कैब के ड्राइवर और ऑपरेटर दक्षिण कोलकाता के व्यस्त चौराहे राशबिहारी एवेन्यू में एकत्र हुए और वहां से नौ अगस्त को आरजी कर अस्पताल में स्नातकोत्तर प्रशिक्षु महिला चिकित्सक के साथ दुष्कर्म और उसकी हत्या के लिए न्याय की मांग करते हुए उन्होंने एस्प्लेनेड तक रैली निकाली।
बंगाल दुष्कर्म-हत्या: डॉक्टरों का काम बंद 16वें दिन भी जारी